Sunday, August 10, 2008

क्रिकेट क्रिकेट या विकेट

प्यारे दोस्तों क्रिकेट तो आप जानते ही हैं लकिन विकेट का अभिप्राय मैंने चोटिल खिलाडियों से रखा हैं
भारत में क्रिकेट को ही खेल कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी, हो भी क्यूँ............... पैसा हैं रुतबा हैं क्रिकेटर तो भगवन हो गए हैं........लकिन कलयुग के ये भगवान् भूल गए हैं की यदि शरीर हैं तो उसमे दर्द भी होगा चोट भी लगेगी और टीम से बाहर भी होना पड़ेगा पर नकली भगवान की माया छु मंतर हो जाएगी.........तभी तो कहता हु प्यारे क्रिक्केतरो इतना ही खेलो की की हमारे मन को भाए इतना नही की आपकी हालत ऐ नादाँ देख कर हमारा मन भर आए......

Saturday, August 9, 2008

चीन ने हराया प्रकृति को !

चीन ने बदला बादलों का रुख ......
पढिये ..............
http://cavssanchar.blogspot.com/2008/08/blog-post_7776.html
चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ
जार्ज बुश
आई ओ ऐ के अध्यक्ष जेकास रोग

भारतीय दल .... इस बार शायद कुछ...
कुछ कदम सितारों की ओर
मुस्कुराती दुनिया
संस्कृति ५,००० वर्ष पुरानी
जगमगाता नीड़.....हम पंछी एक डाल के
कड़ी सुरक्षा ...... विडंबना

ध्वज जो कहता है एक विश्व एक स्वप्न
ये पाँच छल्ले दुनिया को एक करते हैं
ज्योत से ज्योत जलाते चलो
खेलो का महाकुम्भ
बस एक शब्द ..........अद्वितीय !

Friday, August 8, 2008

खेलों का महाकुम्भ

कल शाम ज़बरदस्त आतिशबाजी और बेहतरीन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ खेलो का सबसे बड़ा मेला ओलम्पिक चीन की राजधानी बीजिंग में शुरू हो गया। शाम ८ बजकर ८ मिनट और ८ सेकंड पर प्रारंभ हुए इस खेल महोत्सव के उदघाटन समारोह ने चीन के इस दावे को शुरुआत में ही साबित कर दिया की ये अब तक के सबसे बेहतरीन ओलम्पिक होंगे। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों के सबसे बड़े नेताओं की उपस्थिति में अनाव्तरित हुए इस खेल मेले में ९१,००० दर्शक और १०,५०० खिलाडियो की उपस्थिति में करीब १०,००० कलाकारों ने ऐसे कार्यक्रम पेश किए जो पहले कभी कही नही देखे गए।

चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने समारोह का उदघाटन करते हुए कहा कि,"जिस एतेहासिक क्षण का हमें इन्तेज़ार था वह आ गया !" वहीं कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के अध्यक्ष जैक्स रोग ने कहा कि इन खेलों से दुनिया को चीन को और चीन को दुनिया को समझने का मौका मिलेगा, वे बोले "दुनिया इन खेलों के ज़रिए एक ऐसे देश को समझने की कोशिश करेगी जिसका पाँच हज़ार साल का एक इतिहास और परंपरा है। वे चीन को एक अदभुत देश पाएंगे और मेरा ख़याल है कि इससे दुनिया भर में चीन के बारे में राय बदलेगी."

खेल दुनिया पेश करता है उस अद्भुत कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ ....

शुभारम्भ......

पाँच छल्ले पाँच महाद्वीप पूरी दुनिया


छू लें आसमान - एक नर्तकी


नृत्य .... मन और शरीर दोनों का

बेजोड़ प्रदर्शन